एहसास की दहलीजों पर
कुछ शब्दों के घेरे हैं
इस प्यार की राह में अक्सर
कुछ दर्द तेरे-मेरे हैं
तुम दूर कहीं ना जाओ
पल-पल ये दिल कहता है
वीरान है तुझ बिन दुनिया
एहसास ये हम करते हैं
तुम आओगे बाहों में
इस आस में हम बैठे हैं
गुजरोगे जिन गलियों से
हम फूल बिछा बैठे हैं
है आज ये तुमसे कहना
तुम बस मेरे ही रहना
चाहें कुछ भी हो जाये
फरियाद ये हम करते है
तुम दूर हो मुझसे फिर
भी एहसास यही होता है
वीरान है तुझ बिन दुनिया
महसूस ये हम करते हैं
प्रज्ञा के दिल की धड़कन
बस गीत है एक ही गाती
तुम बस मेरे हो जाओ
आमीन ये हम करते हैं
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