जो ठहर जाए वो हवा नहीं होती,
दुनिया में हर मर्ज की दवा नहीं होती ।
विनयचंद खुद सम्हाल अपने दिल को ,
क्योंकि यहाँ अदा- ए-वफा नहीं होती।।
नसीहत
Comments
10 responses to “नसीहत”
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Good
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Nice
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सुन्दर
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वाह
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सुन्दर
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बहुत सुन्दर
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Khoob kaha
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Nice one
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Awesome
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Bahut khoob
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