गुजारिश की उसने पर
मैने ना सुनी
शिकायत की उसने
मगर मैंने ना सुनी
यही सोच कर…..
कि उसने भी मेरी
कहां सुनी थी जब हमें उसकी जरूरत थी….
गुजारिश की उसने
Comments
13 responses to “गुजारिश की उसने”
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गुड
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धन्यवाद
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शुक्रिया
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Nice one
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थैंक्स फॉर कमेंट्स
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Nice
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धन्यवाद
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Nyc
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थैंक्स
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वाह
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थैंक्स
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Nice poem
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