क्यूँ देखूँ

तुमने कह तो दिया मगर
दिल को तसल्ली ना हुई
शब तो हो गई पर
मैं ना सोई
गुजार दी ज़िन्दगी तेरी
आरज़ू करने के बाद
किसी और को क्यूँ देखूँ तुम्हें देखने के बाद
रूबरू तुम आये भी नहीं मगर
महसूस तो किया मैनें हर लम्हा तुमको
दिल लगा लिया तुमसे मिलने के बाद
किसी और को क्यूँ देखू तुम्हें देखने के बाद

Comments

11 responses to “क्यूँ देखूँ”

  1. सुंदर भाव हैं

  2. सुंदर भाव हैं

    1. थैंक्स फॉर कमेंट्स

  3. बहुत सुंदर भाव

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