हिन्दी कविता – दिये जलाए |

हिन्दी कविता – दिये जलाए |
आज भारत ने खूब दिये जलाए |
अपनी एकता का परिचय दिखाये|
जल कोरोना भस्म हुआ या नही|
है संकट मे फिर भी जस्न मनाए |
घरो बंद जिंदगी उम्मीद तलासती|
हर दिल चाह कोरोना मार भगाये |
लौट आई हंसी थोड़ी देर ही सही |
जोश मे कुछ ने बम पड़ाके उड़ाए |
हिन्द की आवाम हार नहीं मानेगी |
हर गम मे खुशी हम तलाश लाये |
आज या कल कोरोना मीट जाएगा |
रखे सावधानी एक दूजे दूरी बनाए |
वो देखो जगमग अंबर है लौ दिया |
मान ले ताप कोरोना आप मिटाये |
श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286
व्हात्सप्प्स -8210525557

Comments

5 responses to “हिन्दी कविता – दिये जलाए |”

    1. Shyam Kunvar Bharti

      प्रज्ञा जी का हृदयताल से आभार

    1. Shyam Kunvar Bharti

      शास्त्री जी का हृदयताल से आभार

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