भोजपुरी लोकगीत कजरी – रोपनिया ना |

भोजपुरी लोकगीत कजरी – रोपनिया ना |
जबले मिलिहे ना झुलनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
जबले बाजीना छम छम पयजनिया|
हम ना करबे रोपनिया ना |
हमसे हरदम सइया करेला बहाना |
अबले दिहला ना एकहू गहना |
चाहे बरसे झम झम पनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
जब जब जोतेला तू हरवा बइलवा|
रहिला हमहू हरदम सइया सांगवा |
टप टप चुये मोर दलनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
नईहर के पावल अबले पहिनली |
दुई गो गहनवा बलाए सहेजली |
बिया पियरईहे चाहे बरसे पनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |
चाहे जेतना मनावा चली ना बहाना |
ला खाला आपन नुन रोटी खाना |
पहिन झूलनी बनबो तोहार सजनिया |
हम ना करबे रोपनिया ना |

श्याम कुँवर भारती (राजभर )
कवि/लेखक /समाजसेवी
बोकारो झारखंड ,मोब 9955509286

Comments

15 responses to “भोजपुरी लोकगीत कजरी – रोपनिया ना |”

    1. Shyam Kunvar Bharti

      हार्दिक आभार

    1. Shyam Kunvar Bharti

      हरदिक आभार

  1. Panna Avatar

    भोजपुरी के कवि को प्रणाम

    1. Shyam Kunvar Bharti

      जी सादर प्रणाम बा आपके

    1. Shyam Kunvar Bharti

      जी हार्दिक आभार बा

    1. Shyam Kunvar Bharti

      तहे दिल से आभार

    1. Shyam Kunvar Bharti

      thank you

  2. Satish Pandey

    वाह वाह

    1. Shyam Kunvar Bharti

      पाण्डेय जी आभार आपका

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