धर्मनीति व राजनीति के आगोश में समा गया है देश।
उन्नति के ओर क्या बढेंगे यहाँ बदले है सब अपने भेष ।।
अब मानव में मानवता नहीं पहरेदार भी अब सच्चा नहीं।
ए वीर सुभाष भगत आज़ाद देख कहाँ जा रहा है ए देश।।
क्या से क्या हो गया
Comments
5 responses to “क्या से क्या हो गया”
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वाह
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Nice
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👌
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वाह जी
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👏👏
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