हृदय की वेदना

हृदय की वेदना जब सीमा के पार हुई
कोशिशें बहुत कीं कम करने की,
पर वो शमशीर की धार हुई
तब लेखनी चल पड़ी मेरी, दर्द कम करने के लिए
दिल के जज्बातों को जब -जब किया बयां,
एक कविता हर बार हुई

Comments

14 responses to “हृदय की वेदना”

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद

    1. Geeta kumari

      Thanks

    1. Geeta kumari

      Thank you

  1. Satish Pandey

    waah

    1. Geeta kumari

      Thank you

  2. ह्रदय की वेदना को कुरेद दी हुई सुंदर रचना प्रस्तुति

    1. Geeta kumari

      आभार सहित धन्यवाद आपका अभिषेक जी🙏

      1. Abhishek kumar

        🙏🙏

    2. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद सर🙏

  3. Devi Kamla

    Bahut khoob

    1. Geeta kumari

      शुक्रिया जी 🙏

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