हृदय की वेदना जब सीमा के पार हुई
कोशिशें बहुत कीं कम करने की,
पर वो शमशीर की धार हुई
तब लेखनी चल पड़ी मेरी, दर्द कम करने के लिए
दिल के जज्बातों को जब -जब किया बयां,
एक कविता हर बार हुई
हृदय की वेदना
Comments
14 responses to “हृदय की वेदना”
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वाह वाह
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धन्यवाद
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Nice
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Thanks
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👌
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Thank you
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waah
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Thank you
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ह्रदय की वेदना को कुरेद दी हुई सुंदर रचना प्रस्तुति
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आभार सहित धन्यवाद आपका अभिषेक जी🙏
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🙏🙏
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बहुत बहुत धन्यवाद सर🙏
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Bahut khoob
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शुक्रिया जी 🙏
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