वक्त

वक्त ये रूख का कुछ तो साथ दिया ।
हम शायर बने तेरी शायरी का ।।
शायर विकास कुमार(बिहार)

Comments

5 responses to “वक्त”

  1. पंक्तियाँ बनी नहीं हैं सर बाकी भावना अच्छी है

  2. Satish Pandey

    आगे बढ़ाइए

    1. Satish Pandey

      सुन्दर भाव हैं

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