बरस रही सावन की फुहार
रिमझिम -रिमझिम रिमझिम -रिमझिम।
धरती पर छा गई बहार
आओ नाचें छम-छम छम-छम छम-छम।।
सावन की फुहार
Comments
13 responses to “सावन की फुहार”
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nice
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Thanks
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बहुत सुंदर रचना
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धन्यवाद भारतीजी
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बहुत खूब
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शुक्रिया सतीशजी
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वाह
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धन्यवाद स्वातीजी
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Romantic poem
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Nyc
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Ok
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🤔🤔🤔
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ध्वन्यात्मक सूचक शब्दों का सुंदर प्रयोग करके सावन ko Sundar tatha Sariya Banaya Gaya Hai
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