गजब संघर्ष सा देखा
कवियों के बीच
अपनी मौलिकता को छोड़कर
होड़ सी करने लगे,
नशा इतना किया गहरा
कि किसी कवि के विचारों को
स्वयं की बोलकर कविता
कहने लगे कविता
खो दी मौलिकता
अभी भी वक्त है जागो
अगर सचमुच में कवि तो
होड़ पुरस्कारों की छोडो
लिखो कुछ नयी कविता
लिखो कुछ सत्य की कविता,
बढ़ाओ प्रेम आपस में,
न बनाओ
संघर्ष कविता को
कवि संघर्ष
Comments
8 responses to “कवि संघर्ष”
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Nice
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nice attempt
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thanks
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वाह
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Thanks
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Good
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बहुत खूब👏👏
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जी
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