राज़ को राज़ ही रहने दो ए सनम।
मुझे गवारा नहीं कि तुझे कोई बेवफा कहे सनम।
मैने मुहब्बत की है कोई खिलवाड़ नहीं।
तेरी रुसवाई को सिन्हे में छुपाया है सनम।।
माना कि वफा के बदले मिला बेवफाई ।
यही तोहफ़ा मेरे लिए अनमोल है सनम ।।
मर के भी यह दिल तुझे ही ढूंढेगा।
यह झूठ नहीं सच है सनम तेरी कसम।।
सनम
Comments
4 responses to “सनम”
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बहुत सुंदर भाव
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Nice
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nice
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सीने पर
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