रिमझिम बरसे फुहार देखऽ सवनमा में।
झूला लगाय दऽ पिया मोर अंगनमा में।।
हरियर चुनरी हरियर चोलिया
हरियर हरियर पहिरनी चूड़िया कलईया में।
हथवा में मेंहदी रचैली सनम
नाम ले ले के तोहरे पियाजी बलईया में।।
गोरवा के पायलिया बोले झनाझन सवनमा में।
झूला लगाय दऽ पिया मोर अंगनमा में।।
झूला लगाय दऽ पिया मोर अंगनमा में
Comments
9 responses to “झूला लगाय दऽ पिया मोर अंगनमा में”
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अरे वाह… सुंदर रचना
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शुक्रिया बहिन
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Poetry is very nice.
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Thank you very much
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Bhot sunder
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Thanks
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nice
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Thank you
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मीठी भाषा सुंदर गीत
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