पानी के बुलबुले जैसी जिंदगी है मेरी

पानी के बुलबुले जैसी जिंदगी है मेरी
सुन्दर है, सूरज से रोशन भी
मगर कब हो जाये खत्म
फ़ूट जाये कब बुलबुला, खबर नहीं

Comments

10 responses to “पानी के बुलबुले जैसी जिंदगी है मेरी”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत खूब

  2. Satish Pandey

    बहुत खूब

  3. Satish Pandey

    सुंदर तरीके जिंदगी की उपमा पानी के बुलबुले से की गए है, जीवन की नश्वरता को शब्दों में पिरोया गया है, वाह

  4. Mrunal ghate

    Bahut achha

  5. पानी के बुलबुले से जीवन की तुलना करके उपमा अलंकार का सुंदर प्रयोग किया गया है नश्वरता को व्यक्त किया गया है

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