10 Comments

  1. आप आज की महादेवी वर्मा हैं,
    सिलसिला
    दौर
    जालिम
    आपदाओं आदि।
    आपकी भावना वर्तमान स्थिति पर चरितार्थ हैं

  2. बहुत बङी उपाधी दे डाली
    मैं तो उनके चरणों की धूल भी नहीं
    पर कॅशिश करूँगी ,बेहतर करने की।
    आभार ज्ञापित ।

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