नींद से मेरी

#Shayri 2liner

नींद से मेरी तो अनबन ही रहती है,
कभी-कभी आ जाती है मुंह दिखाई के लिए।

Comments

10 responses to “नींद से मेरी”

  1. वाह वाह, क्या बात है

  2. गागर में सागर भर दिया है आपने प्रज्ञा जी

    1. Pragya Shukla

      🙏🙏

    1. Pragya Shukla

      🙏🙏

    2. Pragya Shukla

      धन्यवाद

  3. बहुत बहुत सुंदर

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