आपकी नींद में हम

आपकी नींद में हम
स्वप्न बन के आ न जाएँ
इसलिए दिल किवाड़ों को
हमेशा बंद रखना।
गर कभी हम राह में
मिल जाएँ तुमसे यूँ अचानक
तब समझना अजनबी हैं
याद को ही बंद रखना।

Comments

8 responses to “आपकी नींद में हम”

  1. मोहन सिंह मानुष Avatar

    सुन्दर प्रस्तुति

    1. धन्यवाद जी

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद जी

  2. Kumar Piyush

    स्वप्न बन के आ न जाएँ
    वाह वाह

    1. Satish Pandey

      Thanks

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