राम हैं जनगण के नायक

राघव भक्तों के सदियों तक के बलिदान,
संघर्ष और तपस्या का परिणाम
अयोध्या की पावन भूमि का शिलान्यास
और फिर भव्य मन्दिर का निर्माण ।
कितने भक्त मन में निर्माण की आस लिए
कर गये इस अवनी से प्रस्थान
अब जाके उन अतृप्त आत्माओं को
मिला परित्राण ।
नमन है उन वीर व्रतधारियो को सनातन –
निर्माण के कठिन विरासत को संजोये रखा
मन्दिर निर्माण के,कठिन व्रत को,
निर्भिक नेतृत्व से जनगण में जगाये रखा ।
रघुनन्दन है जन-जन के नायक
इनके मूल्य हैं भारत की आत्मा
हे पुरूषोत्तम ! अब तो कर दो इस धरा से
संताप, द्वेष, तृष्णा,घृणा का खात्मा ।
तहेतत अच्युतम ! चरित्र दर्शन,आपका रहे
हमारे समाज की बुनियाद में
भविष्य, वर्तमान की सभी पीढियों की
आस्था हो भगवान रघुनाथ में ।
हर जन, सच्चे मन से- शान्ति ,अहिंसा,
मानवता ,मर्यादा का पालन करे
उनमुक्त भाव से सब राममय हो
परस्पर भातृत्व भाव की हो भावना ।
आनंद का है आया वह क्षण
संकल्प पूरा हुआ
भारत के कण-कण में बसते हैं राम
यह भान इस जग को हुआ ।
सुमन आर्या

Comments

16 responses to “राम हैं जनगण के नायक”

  1. वाह वाह, बहुत खूब

    1. Suman Kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद ।

  2. Suman Kumari

    आपको मेरी ओर से हार्दिक बधाई

    1. सादर धन्यवाद, बहुत बहुत आभार 🙏🙏🙏🙏

  3. Suman Kumari

    सच में आपकी,गीताजी तथा प्रज्ञाजी की रचना अद्भुत,अतुलनीय एवं अविस्मरणीय हैं ।

    1. आपका हार्दिक आभार सुमन जी।
      आपकी रचना भी बहुत सुंदर है।

  4. Prayag Dharmani

    सुंदर रचना, अयोध्या मंदिर के प्रति जन-जन के भावों का सजीव चित्रण ।

    1. Suman Kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद

    1. Suman Kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद

  5. Geeta kumari

    वाह ,सुमन जी अयोध्या के मंदिर और श्री राम जी का सजीव चित्रण
    बहुत सुंदर रचना

    1. Suman Kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद धन्यवाद

  6. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    बहुत ही सुंदर प्रस्तुति

  7. बहुत सुंदर पंक्तियां

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