गमज़दा सा हूं ;उसके लिए
जो तुमने मेरे साथ किया।
और बहुत ही निशब्द सा है,
यह दर्द जो तुमने मुझे हर पल दिया।
मगर रहे तू हमेशा बाग़-बाग़ ,
चल छोड़ो !
हमने तुम्हें माफ़ किया।
गमज़दा सा
Comments
9 responses to “गमज़दा सा”
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Very nice
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Thank you
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Nice lines
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Thank you
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बहुत खूब
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धन्यवाद जी 🙏
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Good
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🙏
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बहुत सुंदर पंक्तियां
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