14 Comments

  1. लोग आजकल झूठे, स्वार्थी, खुदगर्ज, फरेबी,पाखण्डी इत्यादि हो गए हैं इस वजह से सब की संवेदना समाप्त हो जाती है
    बेहतरीन प्रस्तुति

  2. क्या वेदना प्रकट की है आपने
    शिल्प बहुत मजबूत है तथा
    यह विषय समाज को नई दिशा प्रदान की है…

  3. सच है कि कुछ लोगों की संवेदनाएं मर चुकी हैं।
    लेकिन ज़िन्दगी में कुछ लोग अच्छे भी मिलते हैं।
    हां जिनकी संवेदनाएं मर चुकी है ,उन लोगों के बारे में अच्छा चित्रण किया है।

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