तमीज़दार

‘उँगली उठा तो दी हमने, पर साबित क्या करेंगे,
वो तमीज़दार भी इतने हैं कि पत्थर खुद नही फेंकते..’

– प्रयाग

Comments

13 responses to “तमीज़दार”

  1. बहुत ही लाजबाब

  2. सुन्दर अभिव्यक
    सुन्दर

    1. शुक्रिया सुमन जी

  3. क्या बात है, लाजवाब

    1. बहुत आभार आपका

    1. आभार आपका

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