भागीरथी..
पापनाशक भागीरथी
को इन्सान ने मैला कर दिया।
राम तेरी गंगा मैली’ को
हमने कड़ी मेहनत से
चरितार्थ कर दिया।
धो रही थी अब तक जो
हमारे पाप को
अपने पुनीत कर्मों से
हमनें उसकी पवित्रता को धो दिया।
बहाकर मैल नालियों, नदियों का
हमनें देख तो
ओ राम !
हमनें अब तेरी गंगा को मैली
कर दिया।
Nice lines
धन्यवाद
Bahut umda vichar
🙏🙏
उत्तम विचार हैं आपके
रोज आप ऐसी ही कविता लिखती हो
जो सोंचने पर मजबूर कर दे
धन्यवाद
सुन्दर अभिव्यक्ति
🙏
Nice lines
धन्यवाद
उत्तम विचार
🙏🙏
Bhut sunder
धन्यवाद
बहुत अच्छा
धन्यवाद
बहुत बढ़िया विचार