13 Comments

  1. ना डर हो मन में ना खौफ का किसी पे साया रहे
    वाह वाह, बहुत ही शानदार पंक्तियाँ।
    यथार्थ को उजागर करती हुई आपकी पंक्तियाँ।
    बहुत ही सुंदर

  2. बहुत सुंदर रचना है सुमन जी। यदि माता – पिता नैतिकता का पाठ बेटों को भी पढ़ाएं तो इस समस्या का समाधान हो सकता है।

Leave a Reply