नादान आशिक़

झील में उतरने से पहले काश मैं गहराई को नाप लेता।
अब दलदल में फंसता जा रहा हूँ काश कोई बचा लेता।।

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5 responses to “नादान आशिक़”

  1. बहुत सुंदर

  2. बहुत सुंदर

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