चाय

कहते सर्दी में चाय की तलब बढ़ जाती है
पर गर्मी में कौन सा कम हो जाती है।

Comments

12 responses to “चाय”

  1. सुन्दर प्रस्तुति

  2. बात में दम है

  3. Satish Pandey

    बहुत खूब, चाय जरूरी हो गयी है जीवन के लिए। थोड़ी देर के लिए ही सही पर मुरझाती आंखों में चमक तो पैदा करती है। बहुत सुंदर रचना।

    1. शुक्रिया

  4. बहुत ख़ूब

    1. शुक्रिया

  5. वाह बहुत खूब

    1. Anu Singla

      शुक्रिया

  6. Anu Singla

    शुक्रिया जी

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