10 Comments

  1. माता पिता का संतान के प्रति दिए गए संस्कार रूपी स्तम्भ से बांधकर सामाजिक परिवेश में सफल इंसान बनाने की प्रक्रिया को
    पौधा और माली के रूप में सुन्दर और यथार्थ प्रस्तुति।
    बहुत खूब।

  2. बहुत सुंदर समीक्षा शास्त्री जी ,
    आपने तो मेरे हृदय से लगभग सभी भाव निकाल लिए,👌👏👏👏👏
    बहुत बहुत हार्दिक धन्यवाद 🙏

  3. बेहद खूबसूरत तरीके से एक पीढ़ी और दूसरी पीढ़ी के तारतम्य को दिखाया है। अति सुन्दर चित्रण

  4. प्रतिकात्मक शैली का बहुत सुंदर प्रयोग
    जैसे आंधी तूफान से बचाने के लिए माली पौधे को लकड़ी की छड़ से बांधता है उसी प्रकार माता पिता अपने बच्चों को संस्कारों के द्वारा अच्छे बुरे का भेद कराते हैं
    बेहतरीन रचना

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