❤❤ अभिव्यक्ति दिल से ❤❤
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पहली मुलाकात
और पहली भेंट
आज भी याद है मुझे…
वह बरगद के नीचे बैठकर
करी थी जो बातें हमने
दिल आज भी बेताब है…
तुम कुछ लाए थे मेरे लिए
बड़े प्यार से
दोनों घुटने टेककर मेरे सामने बैठे थे
और एक अंगूठी निकालकर
तुमने शिद्दत से मुझे पहनाई
वो हीरे जड़ी अंगूठी मुझे बहुत भायी…
वो अंगूठी आज तक मैंने
नहीं उतारी
मेरे हाथों की खूबसूरती
आज भी बढ़ाती है
जब देखती हूं उसे
तो तुम्हारी बहुत याद आती है…
न जाने क्या था हमारे बीच!
पर जो भी था
बहुत खूबसूरत-सा एहसास था…
मेरे दिल की बंजर धरती पर
तुमने ही प्यार के फूल खिलाए
तुम ना आते तो शायद हम
निर्मोही ही रह जाते
प्यार क्या होता है जान ही नहीं पाते।।
हीरे जड़ी अंगूठी *****
Comments
14 responses to “हीरे जड़ी अंगूठी *****”
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अतिसुंदर प्रस्तुति
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धन्यवाद
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Nice
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🙏🙏
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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🙏🙏
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बहुत खूब प्रेम के सुरम्य क्षणों का सुंदर रूप में चित्रण
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धन्यवाद आपका बहुत बहुत आभार व्यक्त करती हूँ
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धन्यवाद
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Very good
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धन्यवाद
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बहुत सुंदर
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🙏🙏
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