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  1. बहुत ही सुन्दर पंक्तियाँ, पंक्तियों ने मुस्कान ला दी। लाजबाब हास्य रचना गीता जी। केवल हास्य ही नहीं भाव पर जबरदस्त पकड़ है।

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