साँवरे

साँवरे, इसमें हमारा नही कोई दोष
तुम्हारा ख्याल आते नही रहता होश
हमारी तो क्या बिसात
जब खयाल तेरा राधे को करता मदहोश।

Comments

12 responses to “साँवरे”

    1. Anu Singla

      शुक्रिया

  1. सुन्दर अभिव्यक्ति।

    1. Anu Singla

      सादर आभार

  2. बहुत सुंदर पंक्तियां

    1. Anu Singla

      शुक्रिया

Leave a Reply

New Report

Close