ये जो उदासी है तेरे अंदर,
वो खुशी में बदल जाएगी।
तू उठ तो सही,संघर्ष के लिए ,
वक्त तो इंतजार में है तेरे,
किस्मत भी बदल जाएगी।
ये जो उदासी है तेरे अन्दर….
Comments
10 responses to “ये जो उदासी है तेरे अन्दर….”
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बिल्कुल सही प्रतिमा जी, संघर्ष करने से रूठी तक़दीर बदल जाती है ।
बहुत सुन्दर प्रस्तुति..-

जी मैम बहुत बहुत धन्यवाद आपका
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हत्
हताश इंसान के लिए बहुत ही लाजवाब प्रेरणादायक पंक्तियां-

Thank you so much sir
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सुन्दर अभिव्यक्ति
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धन्यवाद सर
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अतिसुंदर भाव
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बहुत बहुत धन्यवाद सर
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बहुत उम्दा
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धन्यवाद सर
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