ये जो उदासी है तेरे अन्दर….

ये जो उदासी है तेरे अंदर,
वो खुशी में बदल जाएगी।
तू उठ तो सही,संघर्ष के लिए ,
वक्त तो इंतजार में है तेरे,
किस्मत भी बदल जाएगी।

Comments

10 responses to “ये जो उदासी है तेरे अन्दर….”

  1. Geeta kumari

    बिल्कुल सही प्रतिमा जी, संघर्ष करने से रूठी तक़दीर बदल जाती है ।
    बहुत सुन्दर प्रस्तुति..

    1. जी मैम बहुत बहुत धन्यवाद आपका

  2. मोहन सिंह मानुष Avatar

    हत्
    हताश इंसान के लिए बहुत ही लाजवाब प्रेरणादायक पंक्तियां

  3. सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. बहुत बहुत धन्यवाद सर

  4. बहुत उम्दा

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