कब मना है..

राहों में गर कांटे बिछे हों,
तो बुहारना कब मना है ।
है अगर अंधियारी राहें ,
एक दीपक जलाना कब मना है ।
साथी कोई प्यारा, साथ छोड़ जाए,
बीच – राह में, कोई हाथ छोड़ जाए,
तो गम की वादियों से निकल कर,
समेट कर के ज़िन्दगी को ,
आगे बढ़ जाना कब मना है ।
………✍️गीता…….
बुहारना का अर्थ—
सफ़ाई करना,झाड़ू लगाना

Comments

22 responses to “कब मना है..”

  1. Seema Chaudhary

    वाह, बहुत सुंदर कविता है गीता। परेशानियां हों तो उनका हल निकालना जरूरी है।very nice,keep it up.

    1. Geeta kumari

      Thank you Seema for your nice complement.

  2. बहुत ही सुन्दर

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद सुमन जी

    1. Geeta kumari

      Thank u very much chandra ji for your pricious complement 🙏

  3. जितनी तारीफ की जाए कम है, वाह

    1. Geeta kumari

      समीक्षा के लिए सादर आभार सर 🙏

  4. मोहन सिंह मानुष Avatar
    मोहन सिंह मानुष

    राहों में गर कांटे बिछे हों,
    तो बुहारना कब मना है ।
    है अगर अंधियारी राहें ,
    एक दीपक जलाना कब मना है ।
    बहुत ही सुंदर, लाजवाब पंक्तियां

    1. Geeta kumari

      समीक्षा। के लिए और कविता के भाव को समझने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद मोहन जी🙏

  5. Satish Pandey

    वाह
    भाव मे अतीव गहराई है।
    “समेट कर के ज़िन्दगी को ,
    आगे बढ़ जाना कब मना है ।”
    बहुत ही सुंदर पंक्तियाँ, लाजवाब रचना। आपकी लेखनी विलक्षण है। रचनाधर्मिता को सैल्यूट। गीता जी

    1. Geeta kumari

      कविता के भाव को समझने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी🙏…आपकी उत्साह वर्धक समीक्षा के लिए आपका हार्दिक आभार ।

  6. वाह जी वाह

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद कमला जी🙏 आपकी वाह से बहुत ऊर्जा मिलती है

  7. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    बहुत सुंदर भाव
    कुछ लोग हमेशा सिस्टम में हीं दोषारोपण करते रहते हैं, स्वयं उस कमी को दूर करने का प्रयास नहीं करते। उनके लिए इस रचना में सुंदर सीख है। और उनके लिए सबल प्रोत्साहन है जो कवियों को देख निराश हो जाते हैं।
    अतिसुंदर रचना।।

    1. Geeta kumari

      इतनी सटीक समीक्षा के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद भाई जी🙏
      कविता के भाव को समझने के लिए सादर आभार ।कमियों पर बेशक रोना आता है, लेकिन एक समय के बाद हमें हिम्मत कर के उठना होगा और ज़िन्दगी में अपना लक्ष्य पाना होगा बस यही भाव बताने की कोशिश की है। बहुत बहुत धन्यवाद ।

  8. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    कवियों के जगह कमियों है

    1. Geeta kumari

      जी भाई जी🙏

  9. Indu Pandey

    BAHUT KHOOB

    1. Geeta kumari

      Thanks allot indu ji.🙏

  10. Isha Pandey

    Wow, very nice

    1. Geeta kumari

      Thank you Isha ji

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