26 Comments

  1. ”प्रतिकार करो , मत करो सहन
    क्षमता से अपनी जीतो दिल”.
    बहुत ही सुंदर पंक्तियाँ, जबरदस्त प्रतिभा है। सटीक लिखती हैं आप। वाह वाह

    1. समीक्षा के लिए आपका हार्दिक धन्यवाद सर।आपकी प्रेरक समीक्षा हेतु बहुत बहुत आभार 🙏

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