नन्ही-सी परी मेरी लाडली

नन्ही-सी परी मेरी लाडली
अब बड़ी हो गई
बैग लेकर स्कूल पढ़ने जाने लगी
हाथों में कॉपी पेन लेकर
लिखने लगी
अंग्रेजी में कविता सुनाने लगी
आँखों में उसके हैं
अनगिनत सपनें
मेरी आँखों में भी सपने
सजाने लगी
स्कूली परिवेश पहनकर
कितनी सोनी लगती है
अब तो अपनी चोटी खुद
ही बनाने लगी
ए, बी, सी, डी उसकी उंगली
पर रहते हैं
अब तो वह जोड़ने-घटाने लगी..

Comments

10 responses to “नन्ही-सी परी मेरी लाडली”

  1. Geeta kumari

    बहुत सुन्दर कविता प्यारी सी गुड़िया की

    1. मेरी भतीजी के लिए है

      1. Oo That’s nice lovely niece.

    1. धन्यवाद सर

  2. Pratima chaudhary

    “नन्ही-सी परी मेरी लाडली
    अब बड़ी हो गई
    बैग लेकर स्कूल पढ़ने जाने लगी
    हाथों में कॉपी पेन लेकर
    लिखने लगी”
    बहुत सुंदर पंक्तियां
    बहुत सुंदर प्रस्तुति

  3. Satish Pandey

    अब तो अपनी चोटी खुद
    ही बनाने लगी
    ए, बी, सी, डी उसकी उंगली
    पर रहते हैं
    अब तो वह जोड़ने-घटाने लगी..
    वाह बहुत सुंदर, लाजवाब अभिव्यक्ति

  4. Pt, vinay shastri ‘vinaychand’

    अतिसुंदर चित्रण

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