उफ़…

दांतों तले आंचल दबा लेना।
उफ़… कहाँ गया वो ज़माना।।

Comments

8 responses to “उफ़…”

    1. Praduman Amit

      शुक्रिया मेहरबान।

    1. Praduman Amit

      स्वागत है।

    1. Praduman Amit

      आपकी समीक्षा ही मेरे लिए अनमोल तोहफ़ा है।

  1. सुन्दर अभिव्यक्ति

    1. Praduman Amit

      सर । आपने रचना वो सराहा इसके लिए धन्यवाद।

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