धूप में बाप और
चूल्हे पर मां जलती है,
तब कहीं जाकर एक औलाद पलती है।
धूप में बाप ….
Comments
8 responses to “धूप में बाप ….”
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वाह
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धन्यवाद
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Wah, Very True
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Thank you
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बहुत ही लाजवाब
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धन्यवाद
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सुन्दर रचना
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धन्यवाद
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