खेल मुकद्दर का

टूट कर चाहने से कुछ भी
नहीं होता है,
सब खेल मुकद्दर का होता है
ये अब समझ पा रही हूँ मैं।

Comments

4 responses to “खेल मुकद्दर का”

  1. बहुत सुंदर

  2. Geeta kumari

    Very true

Leave a Reply

New Report

Close