7 Comments

  1. चली गई साँस भी मेरी तो भी
    तुझसे कंधा ना लगवाएगे….
    अत्यंत गहरा भाव है। श्रृंगार के वियोग पक्ष का बखूबी चित्रण है। अंत स्थिति तक की चेतावनी बड़ी सहजता से प्रकट हुई है।

Leave a Reply