ये दुनियां

होते ना अगर तुम,
तो छोड़ देते ये दुनियां
हम कभी की….
वो हंस दिए, और बोले,..
तो हम हैं ना,
ना कहना ..,ये अब कभी भी..

*****✍️गीता*****

Comments

12 responses to “ये दुनियां”

  1. बहुत ही उम्दा। आपकी कविताओं की बात ही शानदार है, वाह जी वाह

    1. Geeta kumari

      सादर धन्यवाद सर , बहुत बहुत आभार 🙏

  2. अत्यंत बेहतरीन पंक्तियाँ, यूँ ही लिखते रहें।

    1. Geeta kumari

      आपकी टिप्पणी और प्रेरणा के लिए बहुत बहुत धन्यवाद पीयूष जी.

  3. सुंदर अभिव्यक्ति

    1. Geeta kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद प्रतिमा जी

    1. Geeta kumari

      सादर धन्यवाद भाई जी बहुत बहुत आभार 🙏

  4. लेखनी में अत्यंत प्रखरता है। जो भी अंकना हो रही है स्तरीय हो रही है। इसी प्रतिभा को हम सैल्यूट करते हैं। keep it up

    1. Geeta kumari

      आपकी इस बहुमूल्य समीक्षा के लिए अभिवादन सर । आपकी समीक्षाएं सदैव ही मेरा मार्ग दर्शन करती हैं । बहुत सारा धन्यवाद🙏

  5. बहुत ही शानदार

    1. Geeta kumari

      आपकी इस शानदार टिप्पणी का बहुत बहुत आभार 🙏 कमला जी

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