जनाजा़

शिद्दत से उठाओ तुम मेरा जनाजा

हम ना कहेंगे किसी से कि जिन्दा
अभी हैं हम…

Comments

3 responses to “जनाजा़”

  1. प्रेम के वियोग पक्ष का चित्रण करती और उलाहना देती खूबसूरत चित्रण

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