कोरे मेरे,सपने मेरे…..

कोरे मेरे, सपने मेरे,
कोरे ही रह जाएंगे….२
उम्मीदें देंगी,दस्तक उन तक,
उम्मीदें ही रह जाएंगी….
कोरे मेरे, सपने मेरे,
कोरे ही रह जाएंगे…२
शामें देगी,उल्फत उनको,
शामें ही रह जाएंगी…
कोरे मेरे,सपने मेरे,
कोरे ही रह जाएंगे….२
यादें लेगी, करवट उन तक,
यादें ही रह जाएंगी…
कोरे मेरे, सपने मेरे,
कोरे ही रह जाएंगे….२

Comments

5 responses to “कोरे मेरे,सपने मेरे…..”

  1. सुन्दर अभिव्यक्ति

  2. कोरे सपने वाह क्या बात है

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