9 Comments

  1. बहुत खूब
    ऋषि कुमार जी
    शैली और शिल्प की दृष्टि से आपकी रचना सौम्य और सुन्दर ढंग की प्रस्तुति है। कविता के अन्त में मार्मिक भाव अनोखा है। पर कहीं सर्वनाम का प्रयोग बहुवचन में है। सुधार करें। यदि कविता लोकभाषा शैली में है तो ठीक है।

  2. बहुत सुंदर कविता है ऋषि जी ।पुरानी यादों का बहुत सुंदर संकलन
    बहुत भावपूर्ण अभिव्यक्ति और सटीक प्रस्तुति

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