राज मत पूछो
उन्हें क्यों चाहता है दिल
गर बता देंगे हकीकत
आप भी जाओगे हिल।
इसलिए होंठो को हमने
अब दिया है सिल,
ताकि भरते घाव कोई
फिर न पाये छिल।
डॉ0 सतीश पाण्डेय
राज मत पूछो
Comments
4 responses to “राज मत पूछो”
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अतिसुंदर
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वाह क्या बात है👌🙂
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Waah waah! Bahut khoob
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वाह बहुत ख़ूब ।
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