एक दिल कहता है, फिर एक मर्तबा किसी से इश्क़ कर।
दूसरा दिल कहता है, ए नादान पुरानी दास्तां से तो डर।।
पुरानी दास्तां
Comments
4 responses to “पुरानी दास्तां”
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बहुत खूब, बहुत ही लाजवाब
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सही कहा आपने.
कहते हैं दूध का जला छाछ भी फूंककर पीता है…फिर जिसने चोट खाई हो दिल पर वह इतनी जल्दी संभल नहीं पाता… -
बहुत ख़ूब
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सुंदर
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