*भाग्य*

भाग्य भरोसे भूल से,
नहीं बैठना है मनुज
प्रभु भी करते हैं,
उनकी ही मदद
जो अपनी मदद,
आप, किया करते हैं..

यहां “आप” शब्द का प्रयोग सर्वनाम में
किया गया है, जिसका अर्थ “स्वयं” है ।

*****✍️गीता

Comments

4 responses to “*भाग्य*”

  1. Geeta kumari

    Thanks dear

    1. Geeta kumari

      Thank you very much Rishi ji.

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