6 Comments

  1. वाह वाह गीता जी, बहुत स्तरीय कविता है, कर्म ही जीवन है, कर्म के पथ पर अग्रसर राही जरूर मंजिल प्राप्त करते हैं। सादर अभिवादन

    1. इस सुन्दर और उत्साह वर्धक समीक्षा हेतु आपका बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी
      सादर अभिवादन सर 🙏

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