मैं भी चौकीदार!

इश्क़ ने हमें बर्बाद किया;
फिर भी दिल ने; खुद को आबाद किया।-२
अरे! ना आती है ,
तो ना आए !
नींदें रात को,
मैं भी चौकीदार !
गर्व से!
मोदी जी को याद किया।

Comments

8 responses to “मैं भी चौकीदार!”

  1. बड़े दिनों बाद सर
    बहुत👌 अच्छी रचना

    1. मोहन सिंह मानुष Avatar

      बहुत बहुत धन्यवाद ऋषि जी
      8683867885
      कभी अपने कीमती समय में से थोड़ा सा समय दे।
      अच्छा लगेगा मुझे 😊🙏

  2. सुंदर रचना

  3. मोहन सिंह मानुष Avatar

    बहुत बहुत आभार आप सभी का🙏🙏

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