5 Comments

  1. यह कविता हौसले को बढ़ाती हुई प्रतीत हो रही है..
    आपको भी धैर्य की और साहस की आवश्यकता है और आपके मुह से यह सुनकर सुकून मिला मुझे..

    मुश्किलों के आगे जो घुटने टेक देते हैं
    वो मानुष अपनी शक्सियत को मार देते हैं

  2. मुश्किल वक्त में भी प्रभु पर विश्वाश बनाए रखने को प्रेरित करती हुई बहुत ही सुन्दर रचना । विश्वास इंसान की वो अनुभूति है,जिसे सिर्फ वही महसूस कर सकता है, विश्वास एक ख़ुशबू की तरह होता है।
    बहुत ही प्रेरक प्रस्तुति

Leave a Reply