मेरी बेटी

अब मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी 8 महीनेहो गई है कुछ जिद्दी, कुछ नकचढ़ी हो गई है
अब मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी 8 महीने हो गई है
अब अपनी हर बात मनवाने लगी है
हर दिन नई – नई फरमाइशें होती है
लगता है कि फरमाइशों की झड़ी हो गई है
मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी 8 महीनेहो गई है

अगर डांटती हूँ तो हंसती है जब वो हंसती है तो मन को मोह लेती है
घर के कोने कोने मे उसकी महक होती है
मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी 8 महीनेहो गई है

“राज” सपने सारे अब उसी के संवारता है
दुनियाँ में उसको अलग पहचान दिलानी है
मेरी बेटी थोड़ी सी बड़ी 8 महीनेहो गई है

Comments

8 responses to “मेरी बेटी”

  1. बहुत खूब, सुन्दर रचना

    1. Anu Mehta

      thank you

  2. Geeta kumari

    बेटी पर बहुत ही सुन्दर रचना

    1. Anu Mehta

      thank you

  3. बहुत सुंदर

  4. Praduman Amit

    आपकी कविता 💇 के प्रति प्रेरणा दायक है।

  5. Anu Mehta

    thanku ji

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