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  1. गरीब व्यक्ति का रात को भी धूप आने का सोचने की, लाजवाब अभिव्यक्ति है कवि सतीश जी की । रात को भी धूप आने की अनुपम सोच, अनूठा लेखन और कवि की विलक्षण प्रतिभा को प्रणाम

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