सन इकहत्तर के जंगी जवानों

सन इकहत्तर के
जंगी जवानों,
आपको हम सभी का नमन,
आप जांबाज थे हिन्द के
आपको हम सभी का नमन।
ऐसी ताकत दिखाई थी सच में
देखता रह गया था वो दुश्मन,
धूल ऐसी चटाई थी उसको
हाथ बांधे खड़ा था वो दुश्मन,
पाक की सारी नापाक हरकत
पीस कर के बना दी थी चूरन,
सारी सेना को घेरा था उसकी
देखता रह गया था वो दुश्मन।
वो बड़ी जीत थी हिन्द की,
जो लिखी स्वर्ण अक्षर में है,
फौज दुश्मन की नब्बे हजारी
हाथ ऊपर करे जब खड़ी थी,
सीना चौड़ा हुआ हिन्द का,
करके जयघोष सेना खड़ी थी।
सन इकहत्तर के
जंगी जवानों,
आपको हम सभी का नमन,
आप जांबाज थे हिन्द के
आपको हम सभी का नमन।
ऐसी ताकत दिखाई थी सच में
देखता रह गया था वो दुश्मन।
— डॉ0 सतीश चंद्र पाण्डेय

Comments

18 responses to “सन इकहत्तर के जंगी जवानों”

  1. देश प्रेम दर्शाती बहुत सुंदर प्रस्तुति

    1. Satish Pandey

      Thanks

  2. जय हिंद जय भारत”

    1. Satish Pandey

      जय हिंद

    1. Satish Pandey

      जय हिंद

    1. Satish Pandey

      Jay hind

  3. Geeta kumari

    हिन्द के फ़ौजी जवानों को सम्मान देती हुई सुन्दर रचना

    1. Satish Pandey

      Thanks

  4. Virendra sen Avatar

    देश प्रेम से ओत-प्रोत खूबसूरत रचना

    1. Satish Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

    1. Satish Pandey

      जय हिंद

  5. देशभक्ति का जज्बा जगाती नेह भरी रचना

  6. Satish Pandey

    जय हिंद

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